जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा विशेष जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और नागरिकों की शिकायतों को मौके पर ही सुनकर उनका निस्तारण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
शिविर का आयोजन कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया, जहां सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। राजस्व, विद्युत, जल संस्थान, समाज कल्याण, पुलिस और नगर पालिका सहित कई विभागों के अधिकारी अलग-अलग काउंटर पर उपस्थित रहे। नागरिकों ने भूमि विवाद, पेंशन, राशन कार्ड, बिजली बिल, पेयजल और सड़क संबंधी शिकायतें दर्ज कराईं।
जिलाधिकारी ने स्वयं शिविर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है। यदि कोई अधिकारी लापरवाही करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व विभाग से संबंधित भूमि विवाद और नामांतरण की कई शिकायतें सामने आईं। अधिकारियों ने मौके पर ही कई मामलों का निस्तारण किया, जबकि जटिल मामलों को जांच के लिए संबंधित तहसील को भेजा गया। समाज कल्याण विभाग ने वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया।
विद्युत विभाग के काउंटर पर बिजली बिल में त्रुटि और ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायतें अधिक आईं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन मामलों में तत्काल सुधार संभव था, उन्हें उसी समय ठीक कर दिया गया। अन्य मामलों के लिए समयसीमा निर्धारित कर दी गई।
जल संस्थान ने पेयजल आपूर्ति और पाइपलाइन लीकेज से संबंधित शिकायतों को दर्ज किया। नगर पालिका ने सफाई व्यवस्था और नाली जाम की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। कई स्थानों पर टीम भेजकर उसी दिन सफाई कार्य शुरू कराया गया।
शिविर में आए नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि एक ही स्थान पर सभी विभागों के अधिकारी मिल जाने से समय और श्रम दोनों की बचत हुई। कई लोगों की वर्षों से लंबित समस्याएं भी सुनी गईं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा की जाए और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही प्रशासन की प्राथमिकता है।
प्रशासन ने यह भी घोषणा की कि ऐसे शिविर आगे भी विभिन्न ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों में आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी सुविधा मिल सके। मोबाइल जनसुनवाई वाहन की व्यवस्था करने पर भी विचार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के शिविर प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाते हैं। यदि शिकायतों का समय पर समाधान हो तो लोगों का भरोसा बढ़ता है और शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है।
कुल मिलाकर, यह विशेष जनसुनवाई शिविर प्रशासन की सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि दर्ज की गई शिकायतों का समाधान तय समयसीमा के भीतर कितना प्रभावी ढंग से किया जाता है।
