📰 महोबा में पेयजल संकट गहराया, कई मोहल्लों में तीसरे दिन भी नहीं पहुंचा पानी
महोबा। जिले के कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है। नगर के विभिन्न मोहल्लों में लगातार तीसरे दिन भी पानी की आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर गर्मी बढ़ने के साथ जल संकट ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।
नगर के स्टेशन रोड, सुभाष नगर, गांधी नगर और नई बस्ती क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। कुछ इलाकों में टैंकरों के माध्यम से पानी भेजा जा रहा है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। लोगों को सुबह से ही पानी के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई घरों में पानी के टैंक खाली हो चुके हैं और निजी बोरिंग का पानी भी तेजी से घट रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को दूर-दराज से पानी लाने में दिक्कत हो रही है। छोटे बच्चों वाले परिवारों को विशेष परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जल संस्थान के अधिकारियों के अनुसार मुख्य पाइपलाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है। मरम्मत कार्य जारी है और जल्द ही स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने दावा किया है कि 24 घंटे के भीतर पानी की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हर वर्ष गर्मी के मौसम में पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाता। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल स्रोतों का संरक्षण और पाइपलाइन व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई गांवों में हैंडपंप सूख चुके हैं और तालाबों का जलस्तर भी काफी कम हो गया है। किसान और ग्रामीण महिलाएं दूर स्थित जल स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं। इससे खेती और पशुपालन पर भी असर पड़ रहा है।
जिला प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित है, वहां तत्काल टैंकर भेजे जाएं। साथ ही जल संरक्षण के उपायों को भी तेज किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को साफ पानी पीने और उबालकर पानी उपयोग करने की सलाह दी है। दूषित पानी से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। नगर पालिका की टीमों को भी स्वच्छता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जिसका मुख्य कारण अत्यधिक दोहन और वर्षा जल संचयन की कमी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इस बीच सामाजिक संगठनों ने भी आगे आकर जरूरतमंद क्षेत्रों में पानी वितरण की पहल शुरू की है। कुछ स्थानों पर स्वयंसेवकों द्वारा टैंकरों की व्यवस्था कराई गई है। नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि जल संकट को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।
कुल मिलाकर, महोबा में बढ़ता पेयजल संकट लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। प्रशासन द्वारा राहत कार्य शुरू किए गए हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना आवश्यक है। आने वाले दिनों में यदि बारिश नहीं हुई और जल स्रोतों में सुधार नहीं आया तो समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
